NAPM ने मुख्यमंत्री व राज्यपाल को लिखा पत्र, राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूती की लगाई गुहार

NAPM ने मुख्यमंत्री व राज्यपाल को लिखा पत्र, राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूती की लगाई गुहार

ज्ञात हो कि बिहार समेत पूरे देश में 22 अगस्त के रोज बकरीद मनाई जाएगी. जाहिरतौर पर बाजार और सड़कों में गहमागहमी होगी. लोग सड़कों पर होंगे. इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का अस्थिकलश भी राज्य में आ रहा है. जिसे राज्य की अलग-अलग नदियों में प्रवाहित किया जाएगा. इसे देखते हुए NAPM बिहार इकाई ने आशंका जताई है कि असामाजिक तत्व भी इन मौकों का फायदा उठा सकते हैं. NAPM ने इसी बाबत एक पत्रक राज्य की तमाम नियामक संस्थाओं को भेजा है. पत्र जस का तस नीचे संलग्न है…

महोदय,
22 अगस्त को बकरीद का त्यौहार है. यह त्यौहार 3 दिनों तक मनाया जाता है. इधर सावन का महीना भी चल रहा है, राज्य में कई जगहों पर श्रावणी मेला लगा हुआ है. महोदय, देवघर से आने जाने वाले कुछ तीर्थयात्री विश्राम के क्रम में ज्ञान भवन के सामने गाँधी मैदान, पटना के पास विश्राम करते हैं, कई तीर्थयात्री यहाँ रात भी गुजारते हैं. 22 अगस्त को सुबह मुसलमान भाइयों द्वारा बड़ी संख्या में पटना के गांधी मैदान में बक़रीद की नमाज़ पढ़ी जाएगी. यह भी तय है कि बकरीद के मौके पर बिहार में कई जगहों पर नमाज अदा की जाएगी. राज्य में कई जगहों पर मंदिर, मस्जिद और ईदगाह भी अगल-बगल हैं. महोदय, यह भी ध्यान योग्य है अधिकतर हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग सावन महीने को पवित्र मानते हुए मांस-मछली का सेवन नहीं करते हैं. वहीं मुसलमान समुदाय के लोग बकरीद का त्यौहार जानवरों की कुर्बानी देकर मनाता है. ऐसे में मुमकिन है कि बकरीद और श्रावणी मेला के मौके पर दोंनो पक्षों के असामाजिक तत्व तनाव फैलाने का काम करें.

अख़बार से यह सूचना मिली है कि 22 अगस्त को ही दिवंगत पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का अस्थि कलश पटना लाया जा रहा है और भाजपा कार्यालय में दर्शन के लिए रखा जा रहा है दर्शन उपरान्त उनके अस्थियों को 23 अगस्त से 25 अगस्त तक बिहार के कई नदियों में विसर्जित करने का आयोजन भारतीय जनता पार्टी द्वारा किया जा रहा है.

महोदय, अटल जी के मृत्यु के बाद कई जगहों पर अपनी राजनीतिक और वैचारिक समझ से विरोध करने पर भारतीय जनता पार्टी और अटल जी को मानने वाले लोगों द्वारा उनके विरोध में टिप्पणी करने वाले लोगों से सोशल मीडिया पर गाली गलौज से लेकर हाथापाई जैसी हिंसक घटनाएँ भी प्रकाश में आई हैं.

महोदय, आपको सूचित करना है कि पिछले वर्ष दुर्गापूजा के समय ही मुहर्रम था और उस दौरान बिहार के कई जिले में हिन्दू और मुसलमान समुदायों के बीच तनाव उत्पन हो गया था. कटिहार, जमई, भागलपुर में तनाव की स्थिति ने पूरे प्रदेश को दुःख पहुँचाया था. कटिहार में स्थिति इतनी बुरी हो गयी कि पुलिस के आला अधिकारी को कानून वयस्था स्थापित करने के लिए पटना से कटिहार हेलिकॉप्टर से भेजा गया.

श्रावण मास और बकरीद एक साथ होने और इसी क्रम में अटल जी का अस्थि कलश विसर्जन का आयोजन से तनाव की स्थिति बनने की आशंका है. राज्य में दोनों समुदायों के बीच तनाव की पिछली घटनाओं से हमें सबक ले कर शासन व्यवस्था को पहले से चुस्त दुरुस्त कर लेना उचित होगा ताकि हिन्दू और मुसलमान समुदाय के बीच तनाव का माहौल पैदा ही न हो. अगर कहीं हिंसक घटना घटे तो प्रशासनिक व्यवस्था शीघ्र ही उसे नियंत्रित कर ले.

महोदय, यह मुमकिन है कि हमारी आशंका गलत सबित हो जाए मगर आप राज्य के महामहिम राज्यपाल हैं इसलिए आपको हमलोगों ने अपने अनुमान से अवगत कराना जरुरी समझा. हमें उम्मीद है कि आपकी नजर इस संवेदनशील मुद्दे पर होगी और राज्य सरकार के साथ हम सब लोग कानून वयवस्था बनाये रखने में सफल हो पाएंगे