हागिया सोफिया: दुनिया में सारे फैसले ‘भावनात्मक’ कहकर सही ठहराए जाएंगेTop Stories

हागिया सोफिया: दुनिया में सारे फैसले ‘भावनात्मक’ कहकर सही ठहराए जाएंगे

तुर्की में हागिया सोफिया संग्रहालय को मस्जिद में बदलने के बाद वहां पहली बार नमाज अदा करते हुए तुर्की के…

तेघड़ा: जहां लेफ्ट और राइट की लड़ाई के बीच बरकरार रहा जातीय दबदबा, बीते बार टूटा…Bihar Assembly Election 2020

तेघड़ा: जहां लेफ्ट और राइट की लड़ाई के बीच बरकरार रहा जातीय दबदबा, बीते बार टूटा…

बिहार का एक जिला है बेगसूराय. लोगबाग जिसे ‘लेनिनग्राद’ के नाम से भी जानते हैं. ‘राष्ट्रकवि’ रामधारी सिंह दिनकर का जिला.…

नसीर: कम संवाद वाली यह फिल्म हमें आइना दिखाकर स्तब्ध कर देती है…Uncategorized

नसीर: कम संवाद वाली यह फिल्म हमें आइना दिखाकर स्तब्ध कर देती है…

अजान हो चुका है, सुबह के छह बज रहे हैं, ताज अपने किचन में खाना बना रही है, इकबाल को…

‘यह सब नींद में चलने वाले लोग हैं, अपनी गलतियां नहीं देख पाते हैं’Uncategorized

‘यह सब नींद में चलने वाले लोग हैं, अपनी गलतियां नहीं देख पाते हैं’

”लोग गरीबी, अभाव, भुखमरी और दरिद्रता की बात करते हैं लेकिन काव्यात्मक प्रतीत होने वाले इन शब्दों में से कोई…

”कुर्सी है तुम्हारा जनाज़ा तो नहीं है, कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते”बिहार

”कुर्सी है तुम्हारा जनाज़ा तो नहीं है, कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते”

  डियर नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी यह लिखते हुए बहुत दुख हो रहा है कि दुनिया की सारी…

कोरोना वायरस: दिन कुछ ऐसे गुजारता है कोईदेश

कोरोना वायरस: दिन कुछ ऐसे गुजारता है कोई

बालकनी पर केहुनी टिकाकर खड़े होना और नीम की पीली पड़ी पत्तियों को गिरता देखना, दिन कुछ ऐसे गुजरता है.…

क्या कभी ऐसा हो सकता है कि हम कुछ सोच ही न पाएं?देश

क्या कभी ऐसा हो सकता है कि हम कुछ सोच ही न पाएं?

मैं सोचती हूं कि मुझे कितनी सारी चीजों से कितनी शिकायतें रहती थीं, आजकल वो शिकायतें पता नहीं कहां चल…

बिहार के सुशासन बाबू के नाम एक बिहारन की चिट्ठीदेश

बिहार के सुशासन बाबू के नाम एक बिहारन की चिट्ठी

नमस्ते नीतीश कुमार जी, आशा है कि आप अच्छे से होंगे. आपको लंबी उम्र मिले, आप सलामत रहें। वैसे आपने…

‘तुम्हारे उस नदी धौत सीढ़ी वाले मंदिर में जला करेगा एक मरुदीप’देश

‘तुम्हारे उस नदी धौत सीढ़ी वाले मंदिर में जला करेगा एक मरुदीप’

एक बार ऐसा हुआ कि मैं अपनी बीमारी, मां की बीमारी और कहें तो आस–पास की बीमारी से भाग करके…

रात के 1 बजकर 13 मिनट: सड़क पर एक कौआ और एक कुत्तामनोरंजन

रात के 1 बजकर 13 मिनट: सड़क पर एक कौआ और एक कुत्ता

गुस्तावो का धीमा–धीमा संगीत सुनते हुए मैं नाइट शिफ्ट के बाद घर जा रही थी. यह बारिश के बाद की…